पानी का रंग
ये अनूठी बौद्धिकता और ये अप्सराओं की सी ख़ूबसूरती । इन दो…

ये अनूठी बौद्धिकता और ये अप्सराओं की सी ख़ूबसूरती । इन दो चीज़ों का इतना प्यारा संगम मैंने आज तक नहीं देखा। नौजवान दानिशवर ने

जब फ़ख़रू सिरसी से संभल आया तो उसने धोती की जगह तहबंद बाँधा, कमरी उतार के कुर्ता पहना, संभल से मुरादाबाद पहुंचा तो तहबंद की

“ज़रा बच कर रहना भैया। बड़ी हरामज़ादी है साली!” शायद रामधीन ने जिसे सर्वेंट क्वार्टरों की आबादी रमधू कहा करती थी गुलबया को मेरे क्वार्टर