नीम के पत्ते
ये बात तो वो जानता था कि औरत कई तह-दर-तह और पेच-दर-पेच…

ये बात तो वो जानता था कि औरत कई तह-दर-तह और पेच-दर-पेच घुंडियों से बनी हुई है। मगर ये कि औरत पहले लड़े, फिर कोसे,

सूरज की अधखुली आँख में अभी आक्रोश नहीं था। वो सीधे उसी की तरफ़ देख रहे थे। यहाँ से जो भी पूरब की तरफ़ देखता,

पाँच सौ रुपये के इनाम का एलान सुन कर बारी-बारी सब ही ने कोशिश की। हिन्दुस्तानी चाबुक सवार, काबुली पठान, तोप ख़ाने के गोरे और