बेज़ुबान
पाँच सौ रुपये के इनाम का एलान सुन कर बारी-बारी सब ही…

पाँच सौ रुपये के इनाम का एलान सुन कर बारी-बारी सब ही ने कोशिश की। हिन्दुस्तानी चाबुक सवार, काबुली पठान, तोप ख़ाने के गोरे और

ये अनूठी बौद्धिकता और ये अप्सराओं की सी ख़ूबसूरती । इन दो चीज़ों का इतना प्यारा संगम मैंने आज तक नहीं देखा। नौजवान दानिशवर ने

जब फ़ख़रू सिरसी से संभल आया तो उसने धोती की जगह तहबंद बाँधा, कमरी उतार के कुर्ता पहना, संभल से मुरादाबाद पहुंचा तो तहबंद की