मिशन डम डम
आलू और कद्दू सवेरे-सवेरे आ गए। मैं छत पर सो रहा था।…
आलू और कद्दू सवेरे-सवेरे आ गए। मैं छत पर सो रहा था।…
“इस से अच्छा तो ये है कि डांसिंग स्कूल खोल ले। और…
चौधरी मुहम्मद अली रुदौलवी अब्दुल मुग़न्नी साहब ने मुख़्तारी के पेशे…
जब कभी बैठे बिठाए, मुझे आपा याद आती है तो मेरी आँखों…
आपी कहा करती थी, सुनहरे, समय समय की बात होती है। हर…