नैना आदिल की नज़्में
अनजान जज़ीरों पर क़याम के दौरान एक असातीरी नज़्म की मलगजी…
अनजान जज़ीरों पर क़याम के दौरान एक असातीरी नज़्म की मलगजी…
अवाइल–ए–बहार का इज़्तिराब बारिश से भीगे रस्ते परजहाँ चेरी के शगूफ़ेपत्ती-पत्ती…
किताब-उन-नफ़्स में लिखी गई नज़्म चकरा कर गिरता है आदमी आईने…
रौशनी वोमुझ पर अयाँ हैरौशनी की धार की मानिंदउस नेअपनी धार सेमुझेटुकड़े-टुकड़े…
हम शहर की ख़ुफ़िया जेब में गिर जाते हैं इन शहरों…